भगवान् को चढ़ाने के 56 भोग का महत्व क्या है।  56 (chappan) full details Bhog list 

 आज हम अपने trending khabar में जानेंगे की भगवन श्री गणेश जी को 56 भोग का भोग क्यों लगाया जाता है और उसका क्या महत्व है।  वही साथ में जानेंगे की आखिर उनको लगने वाले भोग की लिस्ट में कोनसे कोनसे व्यंजन आते है।  इसके लिए पूरा आर्टिकल ध्यान से पढ़े - 

श्री गणेश भक्त अपने भगवान् को अधिक प्रसन्न करने के लिए व् भगवान को अपने मन की इच्छा की तरफ ले जाने के लिए बड़े ही मन से बडे भक्ति भाव से 56 भोग तैयार करते है एवं और भगवान् को चढ़ाते है। इसे लेकर ऐसी मान्यता मानी जाती रही है कि यदि भगवान को भक्त द्वारा चढ़ाया हुआ भोग प्रसादी पसंद आ जाते है तो भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इसके अलावा श्रीजी के विशेष पूजन के अवसर पर भी 56 भोग की प्रसादी चढाई जाती हैं।

इस समय भक्त अपने घर पर सभी प्रकार के व्यंजन घर पर तैयार करके भगवन को विशेष आरती करके अपने घर पर पूजा पंडाल में भगवान को भजन या गीत गाकर भोग का भोजन करने हेतु आमंत्रित किया जाता है, भगवान् को छप्पन भोग का भोग अर्पण करने के बाद सभी व्यंजनों को मिलाकर उसका प्रसादी तैयार किया जाता है और उस प्रसादी को भाविको प्रसाद बाटा जाता है। 

 Ganpati Visharjan   भगवान् गणेश उत्सव अब अंतिम चरण में है। कल यानी 17 सितम्बर 2024 के दिन भगवान् के स्थापना के 10 वे दिन उनका शुभ मुहूर्त में बड़े ही धूमधाम से विषर्जन किया जायेगा उस समय भगवान् का पूजन, हवन के साथ गणेश विसर्जन किया जाएगा, उसके पहले आरती में भगवान गणेश की 56 भोग पूजन की जाएगी।

 

56 Chappan bhog list

आपको 56 भोगों यानि व्यंजनों के नाम जानना हैं तो इस न्यूज़ आर्टिकल में नीचे आप पूरी लिस्ट देख सकते हैं। यह 56 भोग भगवान को चढ़ाए जाते हैं।

 भगवान को प्रसन्न करने के लिए चढ़ाए जाने वाले 56 भोग कुछ इस तरह है।

छप्पन भोग में भात, दाल, चटनी, दही शाक की कड़ी, सिखरिणी, शरबत, बाटी, मुरब्बा, शर्करा युक्त त्रिकोण पहले यह 10 भोग होते है।

इसके बाद बड़ा, मधु शीर्षक, फेनी, पुड़ी, खजला, घेवर, मालपुआ, चोला, जलेबी, मेसू, रसगुल्ला, चंद्रकला, महारायता भी 56 भोग में आते है।

56 bhog list में थूली, लौंग पूड़ी, खुरमा, दलिया, परिखा, सौफलाड्या, बिलसारू, लड्डू, सब्जी, आचार, मोठ, खीर, दही, घी, मख्खन, मलाई, रबड़ी, पापड़, सीरा, लस्सी, सुवत, मोहन, सुपारी, इलायची, फल, पान, मोहन भोग, लवण, कसार, मधुर, तिक्त,कटु, अम्ल आदि भी शामिल है।

भगवान गणपतिजी का सबसे पसंदीदा भोग है लड्डू

भगवान श्री गणेश का सबसे पसंदीदा भोग लड्डू है। पुराण के अनुसार भगवान गणेश को अपने बचपन से ही लड्डू बहुत पसंद थे।  इसीलिए अब भी सबसे पहले भगवान गणेश को लड्डू का भोग चढ़ाया व लगाया जाता है। लड्डू के भोग लगाने पर भगवान जल्दी प्रसन्न होते है, ऐसी भी बहुत से मंदिरों में मान्यता हैं। गणेश पर्व के दौरान शहर के बाजार से लड्डू तो अधिक बीके ही, साथ साथ भक्तो के घरों में भी माताओ बहनो ने  अपने हाथ से श्रीजी के लिए पूर्ण श्रद्धा भाव से अलग-अलग तरह के लड्डू तैयार कर भगवान को भोग लगाए।