Paris Paralympic 2024: Avni Lakhera Story Paris Paralympics में GOLD जीतने वाली पहली भारतीय महिला अवनी लेखरा के जीवन संघर्ष सम्पूर्ण कहानी-

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दो medal जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट हैं।

 पैरा शूटर अवनि लेखरा, एक ही Paralympics में दो medal जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट हैं। अवनी SH1 कैटेगरी से 10 मीटर AIr Rifle  Shooter  हैं। Tokya  Paralympics में उन्होंने इसी category में gold medal जीता था।

 

इस बार भी भारतीय पैरा एथलीट्स से काफी उम्मीदें हैं।

Paris Peralympics 2024: ओलंपिक 2024 की मेजबानी के बाद  Paris Paralympics का आगाज हो गया है।  Paris Paralympics के opening सेरेमनी में भारतीय दल के 100 से अधिक मेंबर्स भाग लिया है। भारत की ओर से इस बार 84 पैरा एथलीट्स Paris Peralympics 2024 में शामिल हुए हैं। पिछली बार भारतीय पैरा खिलाड़ी 19 मेडल कर जीत कर देशों की पॉइंट्स टेबल में  24वें स्थान पर रहें। इस बार भी भारतीय पैरा एथलीट्स से काफी उम्मीदें हैं।

अवनी लेखरा कौन हैं-

पैरा ओलंपिक 2024 में अवनी लेखरा भी पार्टिसिपेट कर रही हैं। अवनी लेखरा भारत के खेल जगत में एक चमकता हुआ सितारा हैं, जिनकी मेहनत, साहस और समर्पण ने न केवल जीवन की दिशा बदली, बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गईं।

इस आर्टिकल में देखते है की उनके जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक कहानी, जो हमें सिखाती है कि किसी भी परिस्थिति में हार नहीं माननी चाहिए

  

Para  Shooter अवनि लेखरा, एक ही पैरा ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट हैं। अवनी SH1 कैटेगरी से 10 मीटर एयर राइफल शूटर हैं। टोक्यो पैरा ओलंपिक में उन्होंने इसी श्रेणी से स्वर्ण पदक जीता था।

SH1 श्रेणी उन राइफल शूटरों के लिए है जो सिर्फ शरीर के निचे वाले भागो में  अंग-भंग या पैराप्लेजिया जैसी कमज़ोरी है होती है और जो बिना किसी मुश्किल के अपनी गन पकड़ सकते हैं और खड़े होकर या या बैठेकर हुए शूटिंग कर सकते हैं।

उनके जीवन में क्या दुर्घटना हुयी थी -

 अवनी लेखरा का जन्म 8 नवंबर 2001 को जयपुर, राजस्थान में हुआ था। तब वे एक सिंपल परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जहां शिक्षा और खेल दोनों को समान महत्व दिया जाता था। लेकिन उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ 2012 में आया, जब वह 12 साल की उम्र की थी, तब उनके एक कार दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी, जिससे उन्हें paralysis हो गया था । सिर्फ 12 साल की उम्र में उनके साथ हुए इस हादसे ने अवनी का जीवन पूरी तरह से बदल दिया, लेकिन अवनी ने इस कठिन परिस्थिति को एक चैलेंज के रूप में लिया।

 

Sports से मिली एक नई उम्मीद और रास्ता राह

दुर्घटना के बाद अवनी ने अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए Sports को चुना। उनकी Idol था मशहूर शूटर खिलाड़ी अभिनव बिंद्रा की एक आत्मकथा। उन्होंने निशानेबाजी (शूटिंग) में अपनी हॉबी दिखाई और अपनी मां और कोच की मदद से इस खेल में कदम रखा। जल्द ही उन्होंने अपने हुनर को निखारना शुरू किया और 2015 में पहली बार National Championship में हिस्सा लिया।

 

उनकी Paralympics में सफलता की पूरी कहानी -

 अवनी की कड़ी मेहनत और कठोर संकल्प ने उन्हें 2020 Tokya Paralympics में भाग लेने का एक अवसर दिलाया, जहां उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर Air Rifle SH1 इवेंट में Gold Medal जीतकर इतिहास रच दिया था । वे Paralympics में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली महिला बनीं। इसके साथ ही उन्होंने 50 मीटर Air Rifle Three position SH1 इवेंट में Bronze MEdal भी जीता।

 साल 2022 में अवनी ने Para Shooting World Cup में Gold जीतकर इतिहास रचा। बेहतरीन खेल प्रदर्शन के लिए अवनी को खेल रत्न पुरस्कार, Young Indian Of The Year, और पद्मश्री से सम्मानित किया गया। जयपुर केंद्रीय विद्यालय से अवनी ने स्कूली शिक्षा पूरी की। उसके बाद राजस्थान से ही Law की पढ़ाई की। राजस्थान सरकार ने बेहतरीन खेल प्रदर्शन के लिए अवनी लेखरा को सहायक वन संरक्षक के रूप में आउट ऑफ टर्न पोस्ट पर अपोइंट किया है

  

अवनी लेखरा के जीवनसंघर्ष से हमको अपने जीवन में कोनसी सीख मिलती है –

Avni Lakhera की इस उपलब्धि से केवल खेल में नहीं थी, बल्कि समाज के सामाजिक और इंसान के मानसिक सीमाओं को भी पार कर गई। जहा व्यक्ति अपने जीवन की छोटी छोटी घटनाओ से हार कर कुछ करता नहीं है वही अवनि के जीवन में ऐसी बड़ी दुर्घटना घटने के बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी और आज अपने खेल भाव से सबको हैरान कर दिया।  आज न सिर्फ खुदको दुनिया के सामने एक उदहारण के रूप में पेश किया बल्कि देश का भी मान सन्मान बढ़ाया है। 

Paris Paralympic 2024: Avni Lakhera Story Paris Paralympics

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