Unified Pension Scheme क्या है? 


देश में हर जगह सिर्फ एक ही Trending Khabar चल रही है की आखिर केंद्र सरकार ने यह कोनसी स्कीम लायी हैआखिर इस स्किम के लाभार्थी कौन होंगे। तो इस बारे में यह आर्टिकल आपके सारे सवालो जवाब देगा - प्रधानमंत्री मोदी ने देश को जहा की देश की प्रगति के लिए ज्यादा मेहनत करने वाले तमाम सरकारी कर्मचारियों पर हमें गर्व है। Unified Pension Scheme यूपीएस ऐसे कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक सुरक्षा को ठीक करने वाली स्कीम है यह क्रांतिकारी फैसला उनके वेलफेयर और सुरक्षित भविष्य के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दिखता है ।



आइए जानकरी लेते है की यूपीएस क्या है ..

 हाल के 2024 के साल में हुए लोकसभा के इलेक्शन में इंडिया गढ़बंधन की तरफ से ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू करने को मुद्दा बनाया था और आगे के दिनों में उनकी रणनिति बनाईजा रही थी, लेकिन केंद्र सरकार ने उनके इस मदद को काटने का यह रास्ता निकला है । केंद्र सरकार के अलग अलग सभी विभागों में काम करने वाले कुल 23 लाख कर्मचारियों के लिए सरकार ने Unified Pension Scheme यूपीएस लागू करने का फैसला किया है, जो अभी की एनपीएस स्कीम के साथ ही लागू रहेगा। यूपीएस के अंतर्गत कर्मचारियों को 25 साल काम करने पर पूरी की पूरी पेंशन मिलेगी। 

 

पेंशन मिलने का का फार्मूला क्या है

पेंशन मिलने का फार्मूला है की यदि कोई कर्मचारी ने 25 वर्षों की सर्विस की है तो उसके अंतिम कार्य-वर्ष के 12 महीनों के एवरेज मूल वेतन की 50 प्रतिशत रकम उसको पेंशन के तोर पर उस कर्मचारी को दी जाएगी। और यदि सर्विस काल 10 से 25 वर्षों का है तो पेंशन की राशि समानुपातिक आवंटन के आधार पर तय की जाएगी यूपीएस में सुनिश्चित पेंशन, परिवार को पेंशन, सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन, पेंशन की राशि की महंगाई दर के साथ जोड़ने और रिटायर के समय ग्रेच्युटी के अलावा भी एक सुनिश्चित राशि के भुगतान की व्यवस्था की गई है। वही कर्मचारिओयो 10 प्रतिशत का योगदान देना होगा। लेकिन यह स्किम भी एक तरह से यह पुरानी पेंशन स्कीम की तरह ही होगी, लेकिन इसमें फर्क यह होगा की ओपीएस में जहां कर्मचारियों को कोई योगदान नहीं देना होता था, वही यूपीएस में नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) की के जैसे ही 10 प्रतिशत योगदान देना होगा। यूपीएस के लिए कर्मचारियों को कोई भी अलग से योगदान नहीं देना होगा, जबकि केंद्र सरकार की तरफ से पेंशन फंड में योगदान मौजूदा 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 18.5 प्रतिशत कर दिया गया है। यह हर साल की महंगाई दर आदि के कारण बढ़ता रहेगा। इससे केंद्र सरकार पर आगामी वर्ष 2025-26 के दौरान ही कुल रूपये 6,250 करोड़ का ज्यादा बोझ आएगा । 

 

 यूपीएस यानी Unified Pension Scheme देशभर में कब लागू होगी ? -

 यह स्कीम एक अप्रैल से होगी लागू आने वाले दिनों में महाराष्ट्र, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और झारखंड जैसे बड़े राज्य में विधान सभा के चुनाव सर पर खड़े है , वही केंद्र सरकार के इस दाव को बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है। पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक शनिवार देर शाम को हुई थी, जिसमें यूनिफाइड पेंशन स्कीम के बारे में फैसला किया गया है । 

            देश के सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह योजना एक अप्रैल, 2025 से लागू होगी। इससे सीधे तौर पर केंद्र सरकार के 23 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। कैसे यह यूपीएस स्कीम फायदेमंद होगी ? सरकार का आंकड़ा है की अभी कार्यरत 99 प्रतिशत से ज्यादा केंद्रीय कर्मियों के लिए एनपीएस से ज्यादा यूपीएस आर्थिक तौर पर फायदेमंद होगा और उनको आर्थिक मजबूती प्रधान करेगा । एनपीएस देश में वर्ष 2004 से लागू है और तब से अभी तक जितने सरकारी कर्मचारी रिटायर हुए हैं, उनको यूपीएस के अंतर्गत पेंशन की सुविधा लेने का विकल्प मिलेगा। अगर कर्मचारी ऐसा करते हैं तो उन्हें जो अतिरिक्त राशि व उसका ब्याज बनेगा, उसका भुगतान केंद्र सरकार होगा। 

 

 क्या यूपीएस देश की राज्य सरकारें भी लागू कर सकती ?? 

 सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि अगर राज्य सरकारें चाहें तो इसी फॉर्मूले पर अपने कर्मचारियों के लिए भी पेंशन स्कीम लागू कर सकती हैं। ऐसा होता है तो राज्य सरकारों के 90 लाख कर्मचारियों को भी फायदा हो सकता है। यह स्पष्ट है कि चुनाव में मुद्दा बना रहे विपक्षी दलों पर अब यह जिम्मेदारी आएगी कि वे भी अपने राज्यों में तत्काल प्रभाव से इसे लागू करने की घोषणा करें या आगामी दिनों में अपने अपने राज्यों में लागू करने का एलान करे । 

 

 यूपीएस यानी Unified Pension Scheme मुख्य फ़ायदाकारी कुछ बातें ध्यान योग्य है -

 1. यूपीएस में कर्मचारियों को एक सुनिश्चित पेंशन मिलने का प्रावधान है, जबकि एनपीएस में बाजार में निवेशित राशि के हिसाब से पेंशन राशि मिलने की व्यवस्था है।

 २. रिटायर्ड कर्मचारी की मृत्यु होने पर उस कर्मचारी के dependent यानी आश्रित (पति या पत्नी) को पेंशन राशि का 60 प्रतिशत सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन के तौर पर दिया जाएगा।

 3. कर्मचारी का कार्य-वर्ष चाहे जितना भी हो उसकी पेंशन की कम से कम राशि 10 हजार रुपये से कम की नहीं होगी। 

4. आज की तारीख में जो कम से कम वेतन है, उसके आधार पर न्यूनतम पेंशन की राशि 15 हजार रुपये बनती है। 5 पेंशन की रकम को महंगाई के आंकड़ों को सूचकांक से जोड़ा गया है। यानी खुदरा महंगाई दर बढ़ेगी तो पेंशन की राशि भी बढ़ेगी। महंगाई भत्ता के आधार पर पेंशन, पारिवारिक पेंशन और न्यूनतम पेंशन तीनों का निर्धारण होगा। 

6. सेवा में संपन्न हरेक छह महोने के लिए मूल वेतन की 10 प्रतिशत राशि एक साथ मिलेगी, जो ग्रेच्युटी के अलावा होगी। 

        मोटे तौर कहा जाये तो कर्मचारी की 30 वर्ष की सेवा के लिए एक कर्मचारी को छह माह का वेतन अलग से उसके रीटायर होने पर मिलेगा।