why Income Tax Refund Delay in 2024, Trending Khabar
आर्टिकल इंट्रोडक्शन -
इस
आर्टिकल से हम आपकी
इनकम टैक्स रिटर्न और रिटर्न फाइल
होने के बाद आने
वाला रिफंड कब आता है
और अगर रिफंड थोड़ा
देरी से आये तो
कैसे मैनेज करे या उसको
कैसे हैंडल करे उसको पूरी जानकारी के लिए इस टैक्स रिफंड के बारे आर्टिकल पूरा पढ़े।
टैक्स
डाटा Anaylsis -
Income Tax Return (ITR) फाइल करने की
लास्ट डेट 31 जुलाई, 2024 को ख़त्म हुयी
है। इस साल देश
के 7.28 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स
ने टाइम से अपना
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर दिया
है। इस
साल में पिछले साल
से 7.5 परसैंट ज्यादा है
Income Tax Department ने 23 August तक आयकर विभाग
ने इनमें से 5.34 करोड़ के लोगो के
रिटर्न प्रोसेस फाइलकर दिए । इनमें
कुछ टैक्सपेयर्स को ITR फाइल करने के
कुछ दिन ही दिन
बाद उनका टैक्स रिफंड
मिल गया। जबकि कुछ
टैक्सपेयर्स को अभी भी
रिफंड का इंतजार है।
और इस सल्ल Income Tax Refund में देरी
ज्यादा लग रही है
या यु कहे की
पिछले बार जिनका रिफंड
जल्दी आ गया था
वह सभी इस बार
की देरी से बैचेन
है। अभी
में में 2 करोड़ से अधिक के
verified ITR Unprocessed है।
ITR बहुत देरी
से प्रोसेस होने पर टैक्सपेयर्स Income Tax
Portal पर शिकायत
दर्ज कर सकते हैं।
अगर
इस बीच में रिफंड
नहीं मिलता है तो टैक्सपेयर्स
को अपने ITR इंटिमेशन मैसेज को चेक करते
रहना चाहिए। साथ ही ITR रिफंड
का आयकर विभाग द्वारा
भेजे गए नोटिफिकेशन के
ईमेल को भी चेक
करते रहना चाहिए।
ITR प्रोसेसिंग में
कितना कितना टाइम लगता है?
अगर
रिफंड पेंडिंग जाए तो क्या
करें?
Q - ITR processing में
कितना टाइम लगता है?
Answer -आयकर विभाग
को इ-verification की
डेट के बाद ITR प्रोसेसिंग
में 15 से 45 दिन का समय
लग सकता है।
और
यदि यह वेरिफिकेशन ऑफलाइन
के जरिये किया गया हो
तो इस ज्यादा टाइम
लगता है इसलिए इसके
लिए इसकी टाइम लिमिट
भी बढ़ा दी
जाती है।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद इसे फाइनेंसियल ईयर के अंत से 9 महीने के अंदर ही प्रोसेस किया जाना चाहिए। यानी फाइनेंसियल ईयर 2023-24 के लिए फाइल किए गए ITR के लिए रिफंड 31 दिसंबर, 2025 तक या उससे पहले पहले प्राप्त किया जाएगा। अगर प्रोसेसिंग में ज्यादा समय लग रहा है तो इसका मतलब है कि आयकर विभाग आपके रिटर्न को रिव्यु कर रहा है। वही बीच बीच में जिनका जिनका वेरिफिकेशन हो गया है उनको तुरंत रिफंड रिलीज किया जा रहा है।
Q - ITR रिफंड में
देरी क्यों हो जाती है?
Answer- I TR के रिफंड में
देरी की एक कॉमन
कारण है Verification
वही
इस वेरिफिकेशन की प्रोसेस के
दरम्यान कोनसी कोनसी बाते देखि जाती
है - आइए
जानते है
1. आपका
रिटर्न कितना है।
2. आपने
कितनी Deductions या छूट का
दावा किया है।
3. Form 16 में
ऐसी बातो को पहले
से शामिल किया गया है
या नहीं ।
4. जो
फॉर्म सेलेक्ट किया है, वह
सही है या नहीं।
5. डिपार्टमेंट
को Financial Year की जुड़ी एडिशनल
डिटेल्स की भी जरूरत
हो सकती है।
6. टैक्स
के analysis में
कोई mismatch तो नहीं है।
7 . ITR Filing के समय Bank Account Number और
नाम से जुड़ी Details में
mismatch के कारण से भी
से देरी हो सकती
है।
8. Form 26AS आपके PAN card के अंदर
किए गए सभी TAX का
value दर्शाता है।
9. रिटर्न
में TDS डिटेल्स और फॉर्म 26AS के
बीच कोई Mismatch है तो भी
रिफंड में देरी हो
सकती है।
10. CPC में Backlog के रीज़न से
भी देरी हो सकती
है। इसलिए टैक्सपेयर्स लास्ट डेट से पहले
ही अपना रिटर्न दाखिल
करने का प्रयास करना
चाहिए, ऐसा करने से
बैकलॉग को रोका जा
सकता है।
रिफंड
आने में देरी होने पर ब्याज मिलता है क्या -
टैक्सपेयर
इनकम रिफंड पर ब्याज एलिजिबल। जब
टाइम लिमिट में रिटर्न
फाइल किया जाता है
तो टैक्सपेयर 1 अप्रैल, 2024 से रिफंड की
तारीख तक कैलकुलेट की
गई 0.5% प्रति माह या एक
महीने के हिस्से पर
ब्याज का हकदार होता
है। हालांकि, यह ब्याज तभी
दिया जाता है, जब
रिफंड की राशि वास्तविक
टैक्स लायबिलिटी के 10% से अधिक हो
तो ही।
अगर
इनकम टैक्स रिफंड में देरी हो
रही है आयकर
विभाग के E-Filing Portal पर
अपना स्टेटस चेक करना चाहिए।
इनकम
टैक्स रिफंड टैक्सपेयर्स रिफंड पाने के लिए
उसको हर वर्ष की
भांति नियमित टैक्स फाइल करना चाहिए। और
टैक्सेशन को सरल बनाने
के लिए उसके लिए
पोर्टल चालू किये गए
है। जिसमे
आप अपना ITR का वर्तमान का
स्टेटस चेक कर सके
है।
सरकार
उन व्यक्तियों को टैक्स रिटर्न
दाखिल करने के लिए
कहती है जो,
1. जो
वार्षिक 2.5 लाख रुपये से अधिक कमाते हो ।
इस
राशि से अधिक कमाते
हैं तो आपको हर
साल 31 जुलाई से पहले अपना
ITR फाइल करना होगा। जो
उन व्यक्तियों के लिए है
जो हर वर्ष की
भांति वार्षिक आय return फाइल करते है,
परन्तु जो टैक्स औडिट
के लिए जवाबदार नहीं
है।


0 Comments